कुछ मुद्दों को उजागर करती है ये फिल्म | “मुल्क” फिल्म रिव्यु

मुसलमानों के आज के कुछ जहां मुद्दों को उजागर करते हुए थोड़ी बहुत धार्मिक छींटाकशी करती ये फिल्म मुस्लिम के आतंकवादी होने कारण और कुछ हद तक इससे रोकने के उपाय भी बताया गया है | बनारस में रहने वाले मुराद अली को एक देशभक्त मुस्लिम के रूप में दिखाया गया है जिसके यार दोस्त ज्यादातर हिन्दू हैं और उनके इस देशप्रेम को उनके बोले गए कुछ संवादों से दर्शाया भी गया है जब वो बोलते हैं की ” हमारा देश कभी हार ही नहीं सकता” | इसके बाद एक आतंकी घटना में उनके भतीजे का हाथ होना फिर उसका एनकाउंटर और फिर होती है फिल्म की असली शुरुवात जहाँ कोर्टरूम ड्रामा शुरू होता है |

फिल्म  में हिन्दू मुस्लिम विवाद को जो हवा देने की बात कही गयी थी ऐसा कुछ दिखता नहीं है हाँ कुछ विवादित संवाद फिल्म में सुने जा सकते हैं लेकिन इतना तो आप और कई फिल्मो में सुन चुके हैं हाँ लफ्ज़ो का थोड़ा हेर फेर ज़रूर हो सकता है लेकिन बातें वही कही गयी है जो कुछ हिन्दुओं का मुस्लिम के लिए या कुछ मुस्लिमों का हिन्दुओं के लिए बोला जाना आम है…फिल्म का स्क्रीनप्ले अच्छा है और कहानी को आसान तरीके से रोमांचक बनाते हुए ऑडियंस तक लाने की कोशिश की गयी है हाँ कुछ एक जगह जहाँ स्क्रीनप्ले बोरियत की तरफ ले भी जाती है तो अचानक से उस बोरियत में  राहत के तौर पर एक अच्छा डायलाग सुनने को मिल जायेगा जो फिल्म को देखने का इंटरेस्ट काम नहीं होने देता है |

ऋषि कपूर बेहतर से बेहतर होते जा रहे हैं हर बार एक नए वेशभूषा के साथ साथ कुछ नए नए तरीके के एक्सपेरिमेंट करते नज़र आते हैं…मुराद अली के किरदार को बड़ी सादगी से निभाते नज़र आते हैं तो वही उनके मेकअप को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है | तापसी पन्नू डायलॉग्स बोलती हुई अच्छी लगती है लेकिन कहीं कहीं उनके बोले गए संवाद में ब्रेक सा नज़र आता है…या तो ये टेक्निकल फाल्ट है या फिर शायद कुछ नया करने की तरफ एक कदम…आशुतोष राणा की शब्दों पर जो पकड़ है और जिस सफाई के साथ वो संवाद बोलते हैं वो देखने लायक होता है..रजत कपूर एक कड़क मुस्लिम पोलिसवाले हैं जिन्हें आतंकवादी मुसलमानो से सख्त नफरत है..उनके इस स्ट्रिक्ट करैक्टर को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है…
कुछ बेहद फ्लॉप फिल्में देने के बाद अनुभव सिन्हा की इस बार ये थोड़ी बेहतर कोशिश है लेकिन जिस तरह से इसके प्रमोशन के लिए जो उलटे सीधे हथकंडे अपनाये जा रहे थे वो निंदनीय थे.. आजकल कंट्रोवर्टिकल स्टंट्स करना आम बात हो गया है |

रेटिंग : ३.५ स्टार्स
कास्ट : ऋषि कपूर, तापसी पन्नू, आशुतोष राणा, रजत कपूर,कुमुद मिश्रा
डायरेक्टर : अनुभव सिन्हा

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